छत्तीसगढ़ की सियासत में शब्दों की जंग…बघेल बनाम झा के बीच बयानबाजी तेज

 छत्तीसगढ़ :  राजनीति में इन दिनों बयानबाजी का तापमान तेजी से बढ़ रहा है। भूपेश बघेल और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के सलाहकार पंकज झा के बीच जारी जुबानी टकराव ने सियासी माहौल को गरमा दिया है। सोशल मीडिया पोस्ट से शुरू हुआ यह विवाद अब खुलकर आरोप-प्रत्यारोप में बदल चुका है।

झा का पलटवार: ‘सलाहकार बदलें, नहीं तो नुकसान तय’
पंकज झा ने भूपेश बघेल पर तीखा हमला बोलते हुए उन्हें अपने सलाहकारों को बदलने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि मौजूदा सलाहकार ही उनकी राजनीतिक छवि को नुकसान पहुंचा रहे हैं और आगे भी यही स्थिति बनी रहेगी। झा ने यह भी दावा किया कि भाजपा को प्रचार के लिए किसी सरकारी तंत्र की जरूरत नहीं पड़ती और वह हर गतिविधि से पूरी तरह वाकिफ हैं।

‘हमारे समय में भी दबाव था, फिर भी आवाज नहीं रुकी’
झा ने अपने बयान में आरोप लगाया कि पिछली सरकार के दौरान सोशल मीडिया पर पोस्ट करने तक के लिए दबाव बनाया जाता था। उन्होंने कहा कि भाजपा कार्यकर्ताओं पर कार्रवाई होती थी, यहां तक कि गंभीर धाराओं में मामले दर्ज किए जाते थे, लेकिन इसके बावजूद पार्टी कार्यकर्ताओं ने सरकार की कथित कमियों को जनता तक पहुंचाना जारी रखा।

‘संसाधनों के बावजूद जवाब नहीं दे पाए, अब भी वही हाल’
अपने बयान को आगे बढ़ाते हुए झा ने कहा कि उस दौर में सरकारी संसाधनों के उपयोग के बावजूद विपक्ष का सामना नहीं किया जा सका। उनके मुताबिक आज भी हालात बहुत अलग नहीं हैं और कई राज्यों में इसका असर दिख चुका है।

भाषा पर नसीहत: ‘धमकी नहीं, मुद्दों की राजनीति करें’
झा ने भूपेश बघेल को भाषा संयमित रखने की सलाह देते हुए कहा कि धमकी या आक्रामक शब्दों से राजनीतिक फायदा नहीं मिलता। उन्होंने यह भी कहा कि सोशल मीडिया पर सक्रिय टीम को बेहतर और मुद्दा आधारित संवाद की दिशा में काम करना चाहिए, ताकि गंभीर राजनीतिक चर्चा हो सके।

बघेल का आरोप: ‘AI वीडियो से छवि बिगाड़ने की कोशिश’
इस पूरे विवाद की शुरुआत भूपेश बघेल की एक सोशल मीडिया पोस्ट से हुई, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया कि नवा रायपुर स्थित छत्तीसगढ़ संवाद का उपयोग राजनीतिक उद्देश्यों के लिए किया जा रहा है। बघेल ने दावा किया कि AI तकनीक के जरिए उनके और कांग्रेस नेताओं के खिलाफ वीडियो तैयार किए जा रहे हैं, जिससे उनकी छवि को नुकसान पहुंचाया जा सके।

सियासत में बढ़ती तल्खी, आने वाले दिनों में और तेज हो सकती है जंग
इस बयानबाजी ने साफ कर दिया है कि छत्तीसगढ़ में राजनीतिक माहौल लगातार गर्म होता जा रहा है। आरोपों और जवाबों का यह सिलसिला आने वाले समय में और तीखा हो सकता है, जिससे प्रदेश की राजनीति में नई हलचल देखने को मिल सकती है।

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