
रायपुर : केंद्रीय विकास राज्य मंत्री कमलेश पासवान से डॉ विनोद सिंह की मुलाकात के दौरान ग्रामीण विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर गंभीर चर्चा हुई। बैठक में खास तौर पर प्रधानमंत्री आवास योजना और ग्रामीण सड़क योजना को लेकर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।
केंद्रीय मंत्री ने विकसित भारत के लक्ष्य को जमीन पर उतारने के लिए गांवों को मजबूत बनाने की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि गरीबी उन्मूलन, बुनियादी सुविधाओं का विस्तार और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करना केंद्र सरकार की प्राथमिकता है।
हर गांव मजबूत होगा तभी पूरा होगा विकसित भारत का सपना
बैठक के दौरान ग्रामीण इलाकों में पक्के मकानों, बेहतर सड़कों और ग्रामीणों के लिए रोजगार व आजीविका के अवसर बढ़ाने पर विशेष चर्चा हुई। मंत्री ने स्पष्ट कहा कि देश का वास्तविक विकास गांवों के विकास से जुड़ा है
उन्होंने अधिकारियों और सामाजिक संगठनों से ग्रामीण क्षेत्रों में तेजी से काम करने की अपील करते हुए कहा कि जब तक भारत का हर गांव पूरी तरह विकसित नहीं होगा, तब तक विकसित भारत का लक्ष्य अधूरा रहेगा।
40 मिनट की बंद कमरे की बैठक से राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज
मुलाकात का सबसे चर्चित पहलू वह बंद कमरे की बैठक रही, जिसने राजनीतिक गलियारों में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया। जानकारी के अनुसार केंद्रीय मंत्री के रवाना होने से पहले होटल में करीब 40 मिनट तक डॉ विनोद सिंह के साथ उनकी अलग से बातचीत हुई।
इस बैठक को लेकर कई तरह की राजनीतिक अटकलें लगाई जा रही हैं। हालांकि जब इस विषय पर डॉ विनोद सिंह से चर्चा की गई तो उन्होंने इसे सामान्य और औपचारिक मुलाकात बताया।
उर्मिला फाउंडेशन के काम से प्रभावित हुए केंद्रीय मंत्री
बैठक के दौरान ग्रामीण स्वास्थ्य जागरूकता को लेकर भी चर्चा हुई। जब केंद्रीय मंत्री को उर्मिला फाउंडेशन द्वारा गांवों में चलाए जा रहे स्वास्थ्य जागरूकता अभियान और निशुल्क स्वास्थ्य शिविरों की जानकारी दी गई, तो उन्होंने संस्था के कार्यों की सराहना की।
फाउंडेशन की संचालिका नम्रता सिंह के प्रयासों की प्रशंसा करते हुए मंत्री ने ग्रामीण क्षेत्रों में और अधिक स्वास्थ्य शिविर आयोजित करने पर जोर दिया।
ग्रामीण स्वास्थ्य अभियान को मिल रही लगातार पहचान
उर्मिला फाउंडेशन लंबे समय से ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य जागरूकता अभियान और निशुल्क चिकित्सा शिविरों का संचालन कर रहा है। संस्था के कार्यों को पहले भी सराहना मिल चुकी है। हाल ही में महामहिम द्वारा भी फाउंडेशन के प्रयासों की प्रशंसा करते हुए छत्तीसगढ़ में चिन्हित बीमारियों पर विशेष कार्य करने के निर्देश दिए गए थे।







