भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना बनी रुकमणी पटेल के परिवार का संबल

भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना बनी रुकमणी पटेल के परिवार का संबल
भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना बनी रुकमणी पटेल के परिवार का संबल

10,000 की वार्षिक की सहायता से बढ़ी आर्थिक सुरक्षा

रायपुर,09 जुलाई 2026

राज्य शासन की जनकल्याणकारी भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजनाआर्थिक रूप से कमजोर और भूमिहीन परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का एक बड़ा माध्यम साबित हो रही है। यह योजना जरूरतमंद परिवारों को सीधी आर्थिक सहायता प्रदान कर उन्हें आत्मनिर्भर बनने की दिशा में मजबूत संबल दे रही है। इसी कड़ी में विकासखंड सक्ती के ग्राम जेठा की निवासी श्रीमती रुकमणी पटेल इस योजना का लाभ उठाकर अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ बनाने में सफल रही हैं।

मजदूरी पर निर्भर परिवार को मिला बड़ा सहारा

श्रीमती रुकमणी पटेल के परिवार के पास कृषि योग्य भूमि नहीं है, जिसके कारण उनकी आजीविका मुख्य रूप से मजदूरी पर ही निर्भर है। सीमित आय होने की वजह से परिवार की दैनिक आवश्यकताओं और घरेलू खर्चों का प्रबंधन करना बेहद कठिन होता था। ऐसे चुनौतीपूर्ण समय में राज्य शासन की यह योजना उनके परिवार के लिए एक महत्वपूर्ण सहारा बनकर सामने आई। योजना के अंतर्गत उन्हें प्रतिवर्ष 10 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्राप्त हो रही है।

आर्थिक राहत से जीवनयापन हुआ सहज

श्रीमती रुकमणी ने बताया कि इस राशि का उपयोग वे अपने घरेलू खर्चों की पूर्ति और अन्य ज़रूरी कार्यों के लिए कर रही हैं। इससे न केवल उनके परिवार को बड़ी आर्थिक राहत मिली है, बल्कि उनका जीवनयापन भी पहले की तुलना में काफी सहज और सुगम हो गया है। नियमित रूप से मिलने वाली इस मदद से भविष्य को लेकर उनका आत्मविश्वास बढ़ा है और दैनिक खर्चों को लेकर होने वाली आर्थिक चिंताएं काफी हद तक दूर हुई हैं।

मुख्यमंत्री के प्रति जताया आभार

योजना की उपयोगिता के संबंध में श्रीमती रुकमणी पटेल ने कहा कि भूमिहीन और जरूरतमंद परिवारों के लिए यह योजना अत्यंत लाभकारी है, जो संकट के समय सीधे मदद पहुँचाती है। उन्होंने इस कल्याणकारी पहल के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति विशेष रूप से आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस योजना ने उनके परिवार को एक नई उम्मीद, आत्मविश्वास और आर्थिक सुरक्षा का ठोस आधार प्रदान किया है।

Related Posts

बिहान से बदली तकदीर : सुनीता वर्मा बनीं आत्मनिर्भरता की मिसाल

बिहान से बदली तकदीर : सुनीता वर्मा बनीं आत्मनिर्भरता की मिसाल बिहान से बदली तकदीर : सुनीता वर्मा बनीं आत्मनिर्भरता की मिसाल 5 हजार रूपए के लोन से शुरू हुआ…

Read more

सौर ऊर्जा अपनाकर प्रेरणा स्रोत बने ग्राम पंचायत सचिव

सौर ऊर्जा अपनाकर प्रेरणा स्रोत बने ग्राम पंचायत सचिव सौर ऊर्जा अपनाकर प्रेरणा स्रोत बने ग्राम पंचायत सचिव 3-3 किलोवाट के रूफटॉप सोलर प्लांट से बिजली बिल में भारी बचत…

Read more