
मनोहर गौशाला खैरागढ़ के डॉ. अखिल जैन ने तैयार की पुस्तक, इसमें गौ उत्पाद, प्राकृतिक खेती और पर्यावरण से जुड़े शोध शामिल
रायपुर | इंदौर के रामबाग जैन दादाबाड़ी तीर्थ में परम पूज्य गुरुवर्या श्री मृगावती श्री जी महाराज साहब के सान्निध्य में गौ आधारित वैज्ञानिक अनुसंधान पुस्तक ‘गाय एक अनुसंधान’ का विमोचन हुआ। पुस्तक के लेखक मनोहर गौशाला खैरागढ़ के संस्थापक और प्रबंध न्यासी डॉ. अखिल जैन (पदम डाकलिया) हैं। पुस्तक में गोबर, गोमूत्र, गौ उत्पाद, प्राकृतिक खेती, पर्यावरण संरक्षण और मानव कल्याण से जुड़े शोध व प्रयोगों को शामिल किया गया है।
विमोचन कार्यक्रम में रामबाग जैन दादाबाड़ी ट्रस्ट के अध्यक्ष राजेंद्र गांधी, सचिव डूंगरमल हुंडिया, समाज के वरिष्ठजन और श्रद्धालु मौजूद रहे। डॉ. अखिल जैन ने बताया कि यह पुस्तक वर्षों से चल रहे गौ आधारित अनुसंधान और प्रयोगों का सार है। इसमें परीक्षण रिपोर्ट, कृषि उपयोगिता, गौ ऊर्जा, जैविक खेती और भारतीय गौ विज्ञान के अलग-अलग पहलुओं को वैज्ञानिक नजरिए से रखा गया है। गुरुवर्या श्री मृगावती श्री जी महाराज साहब ने कहा कि गौ माता भारतीय संस्कृति और ग्राम्य जीवन की आधारशिला हैं। गौ आधारित शोध आज के समय की जरूरत है। उन्होंने पुस्तक को किसानों, वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं और विद्यार्थियों के लिए उपयोगी बताया।
गौ विज्ञान को आम लोगों तक पहुंचाने का प्रयास
डॉ. जैन ने कहा कि गौसेवा से जुड़े सभी कार्य गुरुवर्या के आशीर्वाद और समाज के सहयोग से संभव हो रहे हैं। उन्होंने पुस्तक को समाज और राष्ट्र को समर्पित किया। उनका कहना है कि गौ आधारित विज्ञान को जन-जन तक पहुंचाना उनका संकल्प है। कार्यक्रम में इंदौर, सागर और अन्य स्थानों से आए पदाधिकारी, ट्रस्टी और कार्यकर्ता शामिल हुए।
प्राकृतिक खेती और पर्यावरण पर रहेगा फोकस
पुस्तक में गौ उत्पादों की उपयोगिता को खेती, पर्यावरण और सतत विकास से जोड़ा गया है। आयोजकों ने इसे गौ विज्ञान और प्राकृतिक कृषि के क्षेत्र में महत्वपूर्ण दस्तावेज बताया। उनका मानना है कि इसका व्यापक प्रसार किसानों और शोधकर्ताओं को नई दिशा दे सकता है।







