
गंगरेल के 6 गेट खोले गए : महानदी में बाढ़, हर सेकंड छोड़ा जा रहा 10400 क्यूसेक पानी
धमतरी। पानी की आवक बढऩे से गंगरेल बांध के छह गेट खोल दिए गए हैं, जिससे महानदी में बाढ़ के हालात हैं। फिलहाल प्रति सेकंड 10400 क्यूसेक (एक क्यूसेक यानी 28.317 लीटर) पानी छोड़ा जा रहा है। जबकि शुक्रवार-शनिवार की दरम्यानी रात गंगरेल बांध से 53 हजार क्यूसेक पानी प्रति सेकंड छोड़ा गया था। इससे नदी में बाढ़ की स्थिति बन गई है। बाद में पानी की आवक घटने पर जावक भी घटाकर 10400 क्यूसेक कर दिया गया है। अभी बांध के 6 गेट खोलकर पानी नदी में छोड़ा जा रहा है। सिहावा-नगरी क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश से नदी-नाले उफान पर हैं, जिससे कई रास्ते पूरी तरह बंद हो गए हैं। नगरी विकासखंड के लटियारा ग्राम पंचायत के आश्रित ग्राम चर्रा के कच्छारपारा के बीच स्थित डुमर नाला में पुलिया नहीं होने से शनिवार को एक मरीज कोखाट पर लादकर नाला पार कराना पड़ा। बता दें कि बरसात के दिनों में नाले में बाढ़ आने से आवागमन पूरी तरह बाधित हो जाता है। चर्रा निवासी गोपेश कुमार पटेल की तबीयत बिगडऩे के दौरान सामने आया, जब उन्हें समय पर अस्पताल पहुंचाने में ग्रामीणों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। गोपेश कुमार पटेल की स्थिति उल्टी-दस्त की शिकायत के बाद अचानक गंभीर हो गई। तड़के सुबह पानी का स्तर कुछ कम होने के बाद ग्रामीणों की मदद से उन्हें नाला पार कराया गया और अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार कराया गया। ग्राम पंचायत लटियारा के सरपंच रुपेश कुमार ध्रुव सहित ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से डुमर नाला में तत्काल पुलिया निर्माण कराने की मांग की है। महानदी ने एक बार फिर अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है। ऊपरी इलाकों में हुई झमाझम बारिश के बाद गंगरेल जलाशय से पानी छोड़े जाने से नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है। राजिम पहुंचते-पहुंचते महानदी की धार ने तटों को अपने आगोश में ले ले लिया है। त्रिवेणी संगम क्षेत्र से लेकर राजिम और नवापारा के नदी किनारे तक दूर-दूर तक पानी का फैलाव दिखाई दे रहा है। नदी पर बने पांचों एनीकट के ऊपर पानी बह रहा है। विभाग के इंजीनियर आयुष सिंह ने बताया कि नदी तटवर्ती क्षेत्रों में बाढ़ की स्थिति निर्मित हो सकती है। उन्होंने नदी किनारे रहने वाले गांव के लोगों से सतर्क रहने तथा नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए सुरक्षा बरतने की अपील की है। महानदी के बढ़ते जलस्तर का सबसे स्पष्ट असर राजिम के एक पाट पर पंचेश्वरनाथ महादेव तथा बीच नदी में भोलेनाथ कुलेश्वरनाथ महादेव मंदिर तक दिखाई दे रहा है।







