रायपुर को मिली बड़ी राहत, CM विष्णुदेव साय ने जनता को सौंपा कचना रेलवे ओवरब्रिज

रायपुर: राजधानी रायपुर की ट्रैफिक व्यवस्था को बड़ी राहत देते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज कचना रेलवे ओवरब्रिज का लोकार्पण किया। इसके साथ ही 22.79 करोड़ रुपये की लागत से तैयार शंकर नगर-खम्हारडीह-कचना मार्ग चौड़ीकरण कार्य का भी उद्घाटन किया गया।मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार आधारभूत संरचना विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है और कचना ओवरब्रिज उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि साबित होगा।

अब नहीं लगेगा लंबा जाम, लोगों को मिलेगी राहत

सीएम साय ने कहा कि कचना रेलवे फाटक पर लंबे समय से ट्रैफिक जाम की गंभीर समस्या बनी हुई थी। रोजाना हजारों लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ता था। ओवरब्रिज शुरू होने के बाद अब लोगों को सुरक्षित, सुगम और निर्बाध यातायात सुविधा मिलेगी।उन्होंने कहा कि इस परियोजना से खास तौर पर कचना, खम्हारडीह और आसपास के क्षेत्रों के लोगों को बड़ा फायदा होगा। कार्यालय, स्कूल-कॉलेज और व्यापारिक गतिविधियों से जुड़े लोगों का समय भी बचेगा।

48 करोड़ से ज्यादा की लागत से बना ओवरब्रिज

जानकारी के मुताबिक इस रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण 48.78 करोड़ रुपये की लागत से किया गया है। ब्रिज की लंबाई 787 मीटर और चौड़ाई 13 मीटर है। यह परियोजना केंद्र सरकार की केंद्रीय सड़क निधि योजना के तहत स्वीकृत हुई थी।

मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार का आभार जताते हुए उप मुख्यमंत्री और लोक निर्माण मंत्री अरुण साव समेत विभागीय अधिकारियों को समय पर गुणवत्तापूर्ण कार्य पूरा करने के लिए बधाई दी।

रायपुर की ट्रैफिक व्यवस्था होगी और मजबूत

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेशभर में सड़क, पुल और अन्य अधोसंरचना परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ा रही है ताकि लोगों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण निर्माण सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि कचना क्षेत्र में करीब 25 बड़ी कॉलोनियां हैं और यह ओवरब्रिज इन सभी इलाकों को रायपुर शहर से बेहतर तरीके से जोड़ेगा। उन्होंने इसे रायपुर और कचना के बीच नई जीवनरेखा बताया।साव ने कहा कि इस परियोजना से सिर्फ रायपुर ही नहीं, बल्कि बिलासपुर और बलौदाबाजार की ओर आने-जाने वाले लोगों को भी यातायात में बड़ी राहत मिलेगी।

सुशासन तिहार में जनता से ले रही सरकार फीडबैक

मुख्यमंत्री साय ने इस दौरान सुशासन तिहार का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार जनता के बीच जाकर योजनाओं और विकास कार्यों का फीडबैक ले रही है। गांवों और शहरों में समाधान शिविर लगाए जा रहे हैं, जहां लोगों की समस्याओं का मौके पर निराकरण किया जा रहा है।उन्होंने कहा कि सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटी को जमीन पर उतारने के लिए लगातार काम कर रही है।

विकसित छत्तीसगढ़ के विजन पर तेजी से काम

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण की दिशा में योजनाबद्ध तरीके से आगे बढ़ रही है। बस्तर जैसे क्षेत्रों में नक्सल समस्या पर ऐतिहासिक सफलता मिली है और अब दूरस्थ गांवों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाया जा रहा है।उन्होंने बताया कि नियद नेल्लानार 2.0 योजना के तहत स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर स्वास्थ्य जांच कर रही हैं। अब तक 20 लाख से ज्यादा लोगों की जांच हो चुकी है और 55 लाख लोगों तक पहुंचने का लक्ष्य तय किया गया है।इस कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद लक्ष्मी वर्मा, विधायक पुरंदर मिश्रा, महापौर मीनल चौबे, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव समेत कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे।

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