डायबिटीज Foot मरीजों के लिए बड़ी राहत, उर्मिला मेमोरियल हॉस्पिटल में 10 हजार रुपए की जांच होगी मुफ्त

 

रायपुर। डायबिटीज़ से पीड़ित मरीजों के लिए एक महत्वपूर्ण स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया जा रहा है। उर्मिला मेमोरियल हॉस्पिटल, रायपुर द्वारा 29 मई 2026, गुरुवार को विशेष ‘डायबिटिक फुट जांच शिविर’ लगाया जाएगा, जिसमें मरीजों की संपूर्ण जांच बिल्कुल निःशुल्क की जाएगी। इस जांच की वास्तविक कीमत करीब 10 हजार रुपए बताई गई है।विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में आयोजित होने वाले इस शिविर का उद्देश्य डायबिटीज़ के कारण पैरों में होने वाली गंभीर समस्याओं की समय रहते पहचान और उपचार सुनिश्चित करना है।

किन लोगों को तुरंत करानी चाहिए डायबिटिक फुट जांच

यदि आप डायबिटीज़ के मरीज हैं, तो यह जांच आपके लिए बेहद जरूरी मानी जा रही है। खासतौर पर उन लोगों को तुरंत जांच करानी चाहिए जिन्हें ये समस्याएं हैं:

डायबिटीज़ 5 साल या उससे अधिक पुरानी हो
पैरों में झनझनाहट, सुन्नपन या जलन महसूस होती हो
तलवों में घाव या छाले हों जो लंबे समय से ठीक न हो रहे हों
पैरों में सूजन, बदबू या रंग बदलने की समस्या हो
नाखूनों में फंगल इंफेक्शन हो
चलने में दर्द हो या पैर हमेशा ठंडे रहते हों
विशेषज्ञों के मुताबिक समय पर जांच नहीं होने पर डायबिटिक फुट गैंगरीन का रूप ले सकता है, जिससे पैर काटने तक की नौबत आ सकती है।

आधुनिक मशीनों से होगी संपूर्ण जांच

शिविर में मरीजों के पैरों की नसों, ब्लड सर्कुलेशन, सेंसेशन टेस्ट और घावों की जांच आधुनिक तकनीक और मशीनों की मदद से की जाएगी।डॉक्टरों का कहना है कि शुरुआती चरण में समस्या पकड़ में आने पर गंभीर जटिलताओं से बचा जा सकता है और मरीज सामान्य जीवन जी सकते हैं।

जानिए शिविर से जुड़ी पूरी जानकारी

स्थान: उर्मिला मेमोरियल हॉस्पिटल, रायपुर
दिनांक: 29 मई 2026, गुरुवार
समय: सुबह 9 बजे से दोपहर 2 बजे तक

पंजीकरण पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर किया जाएगा। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार सीटें सीमित हैं।

संपर्क नंबर: 0771-4088820, 9109125524

मरीज इन बातों का रखें ध्यान

जांच के लिए खाली पेट आने की जरूरत नहीं है
अपनी पुरानी दवाइयों की पर्ची साथ लाएं
शुगर की पिछली रिपोर्ट साथ लेकर आएं
समय पर जांच से बच सकता है पैर और जीवन

विशेषज्ञों का कहना है कि डायबिटीज़ सिर्फ शुगर तक सीमित बीमारी नहीं है, बल्कि यह शरीर के कई अंगों को प्रभावित करती है। ऐसे में पैरों की नियमित जांच बेहद जरूरी है।‘अपने पैर बचाएं, जीवन बचाएं’ संदेश के साथ आयोजित यह शिविर मरीजों को गंभीर खतरे से बचाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

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