अब किसी का सहारा नहीं, अपने हौसलों के पहियों पर आगे बढ़ रहे बृहस्पति और विष्णु

अब किसी का सहारा नहीं, अपने हौसलों के पहियों पर आगे बढ़ रहे बृहस्पति और विष्णु
अब किसी का सहारा नहीं, अपने हौसलों के पहियों पर आगे बढ़ रहे बृहस्पति और विष्णु

मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल ने बढ़ाया आत्मविश्वास, व्यवसाय के साथ जीवन भी हुआ आसान

रायपुर. 14 जुलाई 2026

मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल ने बढ़ाया आत्मविश्वास, व्यवसाय के साथ जीवन भी हुआ आसानकभी बाजार जाने, सामान लाने या अपने व्यवसाय से जुड़े छोटे-छोटे कामों के लिए दूसरों पर निर्भर रहना बृहस्पति और विष्णु की मजबूरी थी। लेकिन समाज कल्याण विभाग द्वारा आयोजित शिविर में मिली मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल ने उनकी इस मजबूरी को आत्मविश्वास में बदल दिया है। अब उनके जीवन की रफ्तार भी उनके अपने हाथों में है।

बिलासपुर के मस्तूरी विकासखंड के जयरामनगर-खैर की श्रीमती बृहस्पति साहू वर्षों से फल बेचकर अपने परिवार का भरण-पोषण कर रही हैं। दुकान तक फल पहुंचाना, बाजार से सामान लाना और रोजमर्रा के काम करना उनके लिए किसी चुनौती से कम नहीं था। अब मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल मिलने के बाद वे ये सभी काम स्वयं कर सकेंगी। बृहस्पति साहू कहती हैं – ष्यह ट्राईसाइकिल मेरे लिए नई जिंदगी की तरह है। अब मुझे किसी का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। मैं अपनी दुकान का काम पहले से ज्यादा आसानी और आत्मविश्वास के साथ कर पाऊंगी।ष् उन्होंने इस सहयोग के लिए सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया।

इसी तरह कोटा विकासखंड के ग्राम बछलीखुर्द (रतनपुर) निवासी श्री विष्णु सिंह राजपूत जनरल स्टोर का व्यवसाय करते हैं। पहले दुकान के लिए सामान लाना उनके लिए सबसे बड़ी चुनौती थी। अब मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल मिलने से वे स्वयं बाजार जाकर आवश्यक सामग्री खरीद सकेंगे और अपने व्यवसाय को अधिक सुचारु रूप से संचालित कर पाएंगे। श्री राजपूत कहते हैं – ष्अब मुझे अपने काम के लिए किसी दूसरे का सहारा नहीं लेना पड़ेगा। यह ट्राईसाइकिल मेरे लिए आत्मनिर्भर बनने का सबसे बड़ा माध्यम है।ष् बृहस्पति साहू और विष्णु सिंह राजपूत जैसे अनेक दिव्यांग हितग्राहियों के लिए यह सहायता केवल एक वाहन नहीं, बल्कि सम्मान, आत्मविश्वास और स्वावलंबन की नई पहचान बन रही है। समाज कल्याण विभाग की यह पहल उन्हें न केवल बेहतर आवाजाही की सुविधा दे रही है, बल्कि अपने पैरों पर खड़े होकर सम्मानपूर्वक जीवन जीने का नया हौसला भी दे रही है।

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