
कच्ची छत से पक्के आशियाने तक, पीएम जन मन ने बदली मोहन की जिंदगी
बैगापारा के बैगा परिवार को मिला सुरक्षित आवास, पक्के घर के साथ बढ़ी भविष्य की उम्मीद; प्रधानमंत्री के प्रति जताया आभार
रायपुर, 21 सितंबर 2026
कभी बारिश की बूंदों के बीच कच्ची छत को निहारते हुए परिवार की सुरक्षा की चिंता, तो कभी मौसम बदलने पर घर की मजबूती को लेकर डर ग्राम पंचायत बुंदेली के बैगापारा निवासी मोहन, जो बैगा जनजाति से आते हैं, के लिए सुरक्षित घर लंबे समय से एक सपना था। आज वही सपना हकीकत बन चुका है। प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाभियान (पीएम जन मन) के तहत पक्का आवास मिलने से मोहन का परिवार अब सुरक्षित छत के नीचे सुकून की जिंदगी जी रहा है। यह बदलाव केवल एक घर मिलने की कहानी नहीं, बल्कि सेवा संकल्प के माध्यम से जरूरतमंद परिवार तक पहुंची शासन की संवेदनशील पहल और उसके जीवन में आए बदलाव की कहानी है।
कच्चे मकान में गुजरते थे मुश्किल दिन
मोहन बताते हैं कि उनका परिवार पहले कच्चे मकान में रहता था। घर की स्थिति ऐसी थी कि बारिश के दिनों में परिवार की चिंता बढ़ जाती थी। तेज बारिश और मौसम की मार के बीच घर को सुरक्षित रखना चुनौती बन जाता था। सीमित आर्थिक संसाधनों के कारण पक्का मकान बनाना उनके लिए आसान नहीं था।
अपने परिवार के लिए एक मजबूत और सुरक्षित घर का सपना तो था, लेकिन उसे पूरा करने के लिए आवश्यक संसाधन नहीं थे। ऐसे में पीएम जनमन योजना उनके लिए उम्मीद लेकर आई।
योजना का सहारा मिला, सपना हुआ साकार
पीएम जनमन योजना के तहत मोहन को पक्का आवास मिला। योजना के माध्यम से उपलब्ध कराए गए आवास ने उनके परिवार के वर्षों पुराने सपने को पूरा करने का रास्ता आसान किया। आज उनके सामने पक्की दीवार और मजबूत छत वाला अपना घर है। अब बारिश आने पर घर की मजबूती की चिंता नहीं सताती। परिवार के लिए यह आवास सुरक्षा के साथ सम्मान और स्थायित्व का आधार बन गया है।
पक्के घर के साथ चेहरे पर आई खुशी
नया घर मिलने के बाद मोहन और उनका परिवार बेहद खुश है। उनके लिए यह सिर्फ रहने की जगह नहीं, बल्कि जीवन में आए बदलाव का एहसास है। सुरक्षित आवास मिलने से परिवार के मन में भविष्य को लेकर भरोसा बढ़ा है।
मोहन खुशी जाहिर करते हुए कहते हैं, “पहले कच्चे मकान में रहने के कारण बहुत परेशानी होती थी। बारिश के समय घर को लेकर चिंता रहती थी। अब पीएम जनमन योजना से पक्का मकान मिल गया है। इससे हमारा परिवार बहुत खुश है और सुरक्षित महसूस करता है। इसके लिए मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी को धन्यवाद देता हूं।”
पीएम जन मन से विशेष रूप से कमजोर जनजातीय परिवारों तक पहुंच रही सेवा
प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम जनमन) के माध्यम से विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों (च्टज्ळ) के परिवारों तक आवास सहित पेयजल, शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली और आजीविका जैसी बुनियादी सुविधाएं पहुंचाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
इस पहल का उद्देश्य ऐसे परिवारों को उनकी आवश्यकताओं के अनुरूप मूलभूत सुविधाओं से जोड़ते हुए उनके जीवन स्तर में सुधार लाना है। मोहन का परिवार भी इसी प्रयास से लाभान्वित होकर अब सुरक्षित आवास की सुविधा से जुड़ा है।
सेवा संकल्प से दिख रहा बदलाव, उम्मीद को मिल रही नई छत
‘सेवा संकल्प अभियान’ जिले में जनसेवा और जन भागीदारी को मजबूत करते हुए शासन की योजनाओं से लोगों के जीवन में आए बदलाव को सामने लाने का माध्यम बन रहा है। मोहन की कहानी इस बदलाव की एक सहज तस्वीर है।
कभी कच्चे मकान की चिंता थी, आज पक्के घर की छत के नीचे सुरक्षित भविष्य का भरोसा है। मोहन के लिए पीएम जन मन से मिला यह आवास केवल एक सरकारी योजना का लाभ नहीं, बल्कि उनके परिवार के जीवन में सुरक्षा, सम्मान और नई उम्मीद की मजबूत नींव बन गया है।
यही सेवा संकल्प की सार्थकता है- जरूरतमंद तक सेवा पहुंचे, योजना का लाभ मिले और उसके लाभ से उसके जीवन में बदलाव दिखाई दे।







