
सेवा की कहानी: मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल मिलने से देवप्रसाद की राह हुई आसान
मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल मिलने से देवप्रसाद की राह हुई आसान
अब रोजमर्रा के कामों के लिए नहीं रहना पड़ेगा दूसरों पर निर्भर
रायपुर, 6 अक्टूबर 2026
कभी घर से बाहर निकलने के लिए किसी दूसरे का सहारा लेना पड़ता था। जरूरी काम हो या रोजमर्रा की जरूरत, आने-जाने की परेशानी हमेशा सामने रहती थी। लेकिन सेवा संकल्प अभियान के तहत शासन-प्रशासन से मिली मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल ने देवप्रसाद के लिए आवागमन को आसान करने के साथ आत्मनिर्भरता की नई राह खोल दी है।
रायगढ़ जिले के गांधीनगर के दिव्यांग श्री देवप्रसाद चौहान बताते हैं कि पहले बिना ट्राइसाइकिल के कहीं आना-जाना उनके लिए काफी मुश्किल था। दैनिक जीवन के छोटे-छोटे कामों के लिए भी दूसरे लोगों पर निर्भर रहना पड़ता था। कई बार जरूरी काम होने के बावजूद आवागमन की परेशानी के कारण दूसरों की मदद का इंतजार करना पड़ता था। अब मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल मिलने के बाद उनके चेहरे पर आत्मविश्वास दिखाई देता है। वे कहते हैं कि इस सुविधा से अब अपने निजी काम हों या अन्य आवश्यकताएं, वे पहले की तुलना में अधिक स्वतंत्र होकर घर से बाहर निकल सकेंगे।
देवप्रसाद के लिए यह ट्राइसाइकिल सिर्फ आने-जाने का साधन नहीं, बल्कि दूसरों पर निर्भरता कम करने और अपने काम स्वयं करने का जरिया बनी है। यह सुविधा उनके जीवन में सहजता के साथ आत्मविश्वास भी लेकर आई है। मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल मिलने पर देवप्रसाद ने शासन-प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को धन्यवाद देते हुए कहा कि शासन की इस सहायता से उन्हें अपने दैनिक जीवन में काफी सुविधा मिलेगी।
सेवा संकल्प अभियान से जरूरतमंदों तक पहुंच रही मदद
सेवा संकल्प अभियान के तहत जिले में 1 से 7 अक्टूबर तक विभिन्न स्थानों पर शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। इन शिविरों के माध्यम से पात्र नागरिकों को विभिन्न हितग्राहीमूलक योजनाओं का लाभ दिलाया जा रहा है। अभियान का उद्देश्य शासन की योजनाओं को जरूरतमंद लोगों तक पहुंचाने के साथ उन्हें सुविधा, सम्मान और आत्मनिर्भरता से जोड़ना है।








