
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने राज्योत्सव की तैयारियों का लिया जायजा
नवा रायपुर में 1 नवंबर से सजेगा छत्तीसगढ़ की कला, संस्कृति, परंपरा और विकास का भव्य उत्सव
मंत्री श्री अग्रवाल ने अधिकारियों को दिए आवश्यक दिशा-निर्देश, अतिथियों और आम नागरिकों की सुविधा, सुरक्षा एवं सुगम आवागमन सुनिश्चित करने पर विशेष जोर
राज्योत्सव में दिखेगी छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और गौरवशाली विकास यात्रा की झलक
रायपुर, 31 अक्टूबर 2026
नवा रायपुर में 1 नवंबर से सजेगा छत्तीसगढ़ की कला, संस्कृति, परंपरा और विकास का भव्य उत्सव
नवा रायपुर में 1 नवंबर से सजेगा छत्तीसगढ़ की कला, संस्कृति, परंपरा और विकास का भव्य उत्सव
छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर नवा रायपुर में 1 नवंबर से प्रारंभ होने वाले तीन दिवसीय भव्य राज्योत्सव की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, गौरवशाली परंपराओं, लोककला, लोकसंस्कृति और विकास यात्रा को प्रदर्शित करने वाले इस महत्वपूर्ण आयोजन को लेकर व्यापक तैयारियां की गई हैं। राज्योत्सव के शुभारंभ से एक दिन पूर्व आज पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने आयोजन स्थल पहुंचकर तैयारियों और व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से आयोजन की तैयारियों की जानकारी ली तथा सभी व्यवस्थाएं सुव्यवस्थित एवं सुचारु रूप से संचालित करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने निरीक्षण के दौरान कहा कि छत्तीसगढ़ राज्योत्सव केवल राज्य स्थापना दिवस का उत्सव नहीं, बल्कि प्रदेश की गौरवशाली सांस्कृतिक पहचान, समृद्ध परंपराओं, लोकजीवन और निरंतर प्रगति का प्रतीक है। यह आयोजन छत्तीसगढ़ की विविधतापूर्ण संस्कृति, ऐतिहासिक धरोहरों, पारंपरिक कलाओं और विकास की उपलब्धियों को एक मंच पर प्रस्तुत करने का महत्वपूर्ण अवसर है। उन्होंने कहा कि राज्योत्सव में आने वाले प्रत्येक अतिथि और प्रदेशवासी को छत्तीसगढ़ की आत्मीयता, अतिथि सत्कार और सांस्कृतिक समृद्धि का सुखद अनुभव होना चाहिए।
अतिथियों और आम नागरिकों की सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता : मंत्री श्री राजेश अग्रवाल
मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि राज्योत्सव में बड़ी संख्या में आने वाले नागरिकों, कलाकारों और अतिथियों की सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जाए। आयोजन स्थल पर प्रवेश एवं निकास, आवागमन, वाहन पार्किंग, पेयजल, स्वच्छता, प्रकाश व्यवस्था, बैठक व्यवस्था तथा अन्य आवश्यक सुविधाओं का समुचित प्रबंध सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि आयोजन के दौरान किसी भी नागरिक को अनावश्यक असुविधा का सामना न करना पड़े, इसके लिए सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें।
मंत्री ने सुरक्षा व्यवस्था को भी विशेष प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राज्योत्सव में शामिल होने वाले लोगों की सुरक्षा, सुगमता और सुविधा सुनिश्चित करना प्रशासन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। आयोजन स्थल पर सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय रहते पूर्ण कर ली जाएं तथा कार्यक्रम के दौरान व्यवस्थाओं की सतत निगरानी रखी जाए।
छत्तीसगढ़ की लोककला, संस्कृति और परंपराओं को मिलेगा भव्य मंच
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ की पहचान उसकी जीवंत लोकसंस्कृति, समृद्ध जनजातीय परंपराओं, लोकनृत्यों, लोकगीतों, पारंपरिक वाद्ययंत्रों और विशिष्ट सांस्कृतिक विरासत से है। बस्तर से सरगुजा तक और मैदानी अंचलों से वनांचलों तक प्रदेश की सांस्कृतिक विविधता अपने आप में अनूठी है। राज्योत्सव इस सांस्कृतिक वैभव को व्यापक स्तर पर प्रस्तुत करने और नई पीढ़ी को अपनी जड़ों तथा परंपराओं से जोड़ने का सशक्त माध्यम बनेगा।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की लोककलाओं और परंपराओं का संरक्षण एवं संवर्धन राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। ऐसे आयोजन लोक कलाकारों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर प्रदान करने के साथ ही प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान को और अधिक सुदृढ़ बनाते हैं।








