
2047 के विकसित भारत की बागडोर युवाओं के हाथों में- केंद्रीय मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया
जगदलपुर में युवा संवाद कार्यक्रम आयोजित, युवाओं से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी का किया आह्वान
रायपुर, 2 नवंबर 2026
2047 के विकसित भारत की बागडोर युवाओं के हाथों में- केंद्रीय मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया
केंद्रीय श्रम एवं रोजगार तथा युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने कहा है कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण में आज की युवा पीढ़ी की सबसे महत्वपूर्ण भूमिका होगी। जब देश अपनी स्वतंत्रता की शताब्दी मनाएगा, तब एक मजबूत और विकसित भारत की बागडोर इसी अमृत पीढ़ी के हाथों में होगी। उन्होंने युवाओं से राष्ट्र प्रथम की भावना के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने और देश के सर्वांगीण विकास में अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने का आह्वान किया।
केंद्रीय मंत्री डॉ. मांडविया सोमवार को जगदलपुर के कुम्हरावण्ड स्थित शासकीय कृषि महाविद्यालय के सभागार में आयोजित श्युवा संवादश् कार्यक्रम को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने युवाओं से सीधे संवाद कर लोकतंत्र, रोजगार, नवाचार और राष्ट्र निर्माण में उनकी प्राथमिक भूमिका पर विस्तार से चर्चा की।
माय भारत प्लेटफॉर्म युवाओं के लिए अवसरों का द्वाररू डॉ. मांडविया
डॉ. मांडविया ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किया गया माय भारत (डल ठींतंज) डिजिटल प्लेटफॉर्म आज के युवाओं को नवाचार, मार्गदर्शन, स्वयंसेवा और करियर के नए अवसर उपलब्ध कराने का एक सशक्त माध्यम बन चुका है। इसके माध्यम से पूरे देश में एक लाख युवा नेतृत्वकर्ता तैयार करने का बड़ा लक्ष्य रखा गया है, जो आगे चलकर नीति-निर्माण और जनसेवा में अपनी प्रभावी भागीदारी निभाएंगे। उन्होंने युवाओं से प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के पंच प्रण- विकसित भारत का संकल्प, गुलामी की हर मानसिकता से मुक्ति, अपनी महान विरासत पर गर्व, एकता एवं एकजुटता तथा अपने नागरिक कर्तव्यों का निष्ठा से पालन को अपने जीवन में पूरी तरह अपनाने का संकल्प लेने को कहा। उन्होंने बल दिया कि युवा चाहे शिक्षा, प्रशासन, उद्यमिता या किसी भी अन्य क्षेत्र में आगे बढ़ें, उनके लिए हमेशा राष्ट्रहित सर्वाेपरि होना चाहिए।
लोकतंत्र की मजबूती और बस्तर के पर्यटन पर चर्चा
संवाद सत्र के दौरान केंद्रीय मंत्री ने छात्र प्रांजल से विशेष रूप से मतदाता सूची पुनरीक्षण की प्रक्रिया पर चर्चा की। उन्होंने लोकतंत्र को अधिक मजबूत बनाने के लिए पारदर्शी, त्रुटिरहित मतदाता सूची और निष्पक्ष मतदान के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि युवाओं की लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भागीदारी बढ़ाने के उद्देश्य से देश के शैक्षणिक संस्थानों में इस तरह के ‘युवा संवाद’ कार्यक्रमों की श्रृंखला निरंतर जारी रहेगी। इस अवसर पर बस्तर की प्रशंसा करते हुए डॉ. मांडविया ने यहाँ की प्राकृतिक सुंदरता और विश्व प्रसिद्ध चित्रकोट जलप्रपात का विशेष उल्लेख किया तथा क्षेत्र में पर्यटन विकास की अपार संभावनाओं की सराहना की।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए छत्तीसगढ़ के वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा कि बस्तर के युवा लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा करने और विकसित भारत के राष्ट्रीय संकल्प को साकार करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने उपस्थित युवाओं को राष्ट्र सेवा की शपथ दिलाई। कार्यक्रम में बस्तर सांसद श्री महेश कश्यप और जगदलपुर विधायक श्री किरण देव सिंह ने भी युवाओं को संबोधित करते हुए अपने विचार रखे। इस अवसर पर बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक, युवा और विभिन्न महाविद्यालयों के छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।








