
सेवा की कहानी : सरकारी सहायता से आटा चक्की व्यवसाय को मिला विस्तार
कोरबा के अफराज अली ने आटा चक्की व्यवसाय को बनाया मजबूत आय का जरिया
रायपुर, 30 सितंबर 2026
किसी भी छोटे व्यवसाय को आगे बढ़ाने के लिए पूंजी और आधुनिक साधनों की अहम भूमिका होती है। प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना ऐसे ही छोटे खाद्य प्रसंस्करण उद्यमों को वित्तीय सहायता और विस्तार का सुनहरा अवसर दे रही है। कोरबा जिले के तुमान निवासी अफराज अली ने इस योजना का लाभ उठाकर अपने सामान्य आटा चक्की व्यवसाय को एक सफल और बड़े कारोबार में बदल दिया है।
’योजना से मिली वित्तीय मदद और नई मशीनें’
पहले अफराज अली के पास आटा चक्की का छोटा काम था, जिसके सीमित साधनों के कारण आमदनी का कोई स्थायी और मजबूत आधार नहीं था। जागरूकता शिविर से योजना की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र के माध्यम से आवेदन किया। इसके जरिए उन्हें 5 लाख रुपये का बैंक ऋण स्वीकृत हुआ, साथ ही 35 प्रतिशत सब्सिडी का लाभ भी मिला। इस आर्थिक मदद से उन्होंने अपने व्यवसाय में आधुनिक तकनीक को जोड़ा और मशीनें खरीदीं, जिनमें नई आटा चक्की और हॉलर मिल, पैकिंग मशीन और वेजिंग मशीन, दाल चक्की मशीन की खरीदी कर अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाया।
’बढ़ी आमदनी और बेहतर हुआ जीवन-यापन’
आधुनिक मशीनें लगने से काम की रफ्तार और दायरा दोनों बढ़ गए हैं। अब आसपास के ग्रामीण धान, गेहूं और अन्य खाद्यान्न लेकर उनके पास आते हैं, जिससे उन्हें हर महीने करीब 25 से 30 हजार रुपये की आमदनी हो रही है। नियमित आय होने से परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है और वे आसान किश्तों व किफायती ब्याज दरों पर बैंक ऋण का भुगतान भी कर रहे हैं। आज अफराज अली का यह व्यवसाय उनके परिवार की आजीविका का मजबूत सहारा बन चुका है। उन्होंने अपने काम को विस्तार देने में मिले इस सहयोग के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति गहरा आभार व्यक्त किया है।







