
सेवा की कहानी: किसान परिवार के कृष्णा यादव की उच्च शिक्षा में सहारा बनी छात्रवृत्ति
बीएससी प्रथम सेमेस्टर में अध्ययनरत कृष्णा को किताबें, कॉपी और कॉलेज आने-जाने के खर्च में मिल रही मदद
छात्रवृत्ति से कम हुआ पढ़ाई का आर्थिक बोझ, उच्च शिक्षा जारी रखने का बढ़ा उत्साह
रायपुर, 10 अक्टूबर 2026
किसान परिवार के बच्चों के लिए उच्च शिक्षा का सपना पूरा करना कई बार आर्थिक चुनौतियों से भरा होता है। परिवार की सीमित आय के बीच कॉलेज की पढ़ाई, किताबें, कॉपी और आने-जाने का खर्च जुटाना आसान नहीं होता। ऐसे में शासन की छात्रवृत्ति योजनाएं विद्यार्थियों को अपनी पढ़ाई जारी रखने और भविष्य के सपनों को साकार करने में महत्वपूर्ण सहयोग दे रही हैं।
सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत सरगुजा जिले के राजीव गांधी पीजी कॉलेज में बीएससी प्रथम सेमेस्टर के छात्र कृष्णा यादव की कहानी इसी सहयोग का उदाहरण है। किसान परिवार से आने वाले कृष्णा के लिए छात्रवृत्ति केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि उच्च शिक्षा की राह पर आगे बढ़ने का संबल बन रही है।
खेती पर निर्भर परिवार, उच्च शिक्षा के सपनों को मिला सहारा
कृष्णा यादव बताते हैं कि उनके पिता कृषि कार्य कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। परिवार में उनके अलावा एक भाई और एक बहन भी हैं। खेती से होने वाली आय पर निर्भर परिवार में घर की जरूरतों के साथ बच्चों की शिक्षा का खर्च संभालना चुनौतीपूर्ण होता है।
कॉलेज में प्रवेश के बाद किताबें, कॉपी और अन्य शैक्षणिक सामग्री के साथ नियमित आवागमन का खर्च भी आवश्यक होता है। ऐसे में शासन से मिलने वाली छात्रवृत्ति कृष्णा की शैक्षणिक जरूरतों को पूरा करने में मददगार साबित हो रही है।
किताबों और आवागमन के खर्च में मिली राहत
कृष्णा बताते हैं कि छात्रवृत्ति की राशि से उन्हें किताबें और कॉपी खरीदने के साथ कॉलेज आने-जाने के खर्च में सहायता मिलती है। इससे पढ़ाई से जुड़ी जरूरी आवश्यकताओं को पूरा करना आसान हुआ है।
छात्रवृत्ति मिलने से उन्हें अपनी शिक्षा आगे बढ़ाने का प्रोत्साहन भी मिला है। वे अपनी पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करते हुए उच्च शिक्षा के सपने को पूरा करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।
कृष्णा ने छात्रवृत्ति से मिल रही सहायता पर खुशी व्यक्त करते हुए केंद्र एवं राज्य सरकार के प्रति आभार जताया। उनका कहना है कि छात्रवृत्ति जैसी सहायता विद्यार्थियों को पढ़ाई जारी रखने और अपनी शैक्षणिक जरूरतें पूरी करने में सहयोग देती है।
शिक्षा के सपनों को मिल रहा आर्थिक संबल
आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के विद्यार्थियों के लिए उच्च शिक्षा तक पहुंच सुनिश्चित करने में छात्रवृत्ति योजनाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है। छोटी-छोटी शैक्षणिक जरूरतों को पूरा करने में मिलने वाली सहायता विद्यार्थियों को अपनी पढ़ाई जारी रखने के लिए प्रोत्साहित करती है।
कृष्णा यादव की कहानी बताती है कि छात्रवृत्ति का महत्व केवल मिलने वाली राशि तक सीमित नहीं है। यह किसान परिवार के एक विद्यार्थी को अपनी शिक्षा से जुड़ी जरूरतें पूरी करने और भविष्य के लिए आगे बढ़ने का अवसर देती है।
सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत कृष्णा यादव की यह कहानी शिक्षा के क्षेत्र में जनकल्याणकारी योजनाओं के सकारात्मक प्रभाव को सामने लाती है। किसान परिवार की मेहनत और विद्यार्थी के सपनों के बीच छात्रवृत्ति आर्थिक सहयोग का ऐसा माध्यम बन रही है, जो उच्च शिक्षा की राह को आसान बनाने के साथ बेहतर भविष्य की उम्मीद को भी मजबूत कर रही है।








