विष्णु के सुशासन में मातृत्व को मिल रहा संबल, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना से गौरी के जीवन में आई खुशियों की बहार

विष्णु के सुशासन में मातृत्व को मिल रहा संबल, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना से गौरी के जीवन में आई खुशियों की बहार

कम हीमोग्लोबिन और स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं के बीच सरकारी सहायता बनी सहारा, गौरी ने दिया स्वस्थ शिशु को जन्म

बेटी के उज्ज्वल भविष्य के लिए सुकन्या समृद्धि योजना में खुलवाया खाता, अन्य महिलाओं के लिए बनीं प्रेरणा

रायपुर, 16 अक्टूबर 2026

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार महिलाओं के स्वास्थ्य, पोषण, सुरक्षित मातृत्व और आर्थिक सशक्तिकरण को प्राथमिकता दे रही है। केंद्र एवं राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्रदेश के ग्रामीण अंचलों तक पहुंच रहा है। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना गर्भवती एवं धात्री माताओं के लिए आर्थिक संबल का माध्यम बन रही है। इस योजना का लाभ लेकर बेमेतरा जिले के विकासखंड बेरला अंतर्गत ग्राम सांकरा की निवासी श्रीमती गौरी पाटिल ने न केवल गर्भावस्था के दौरान आई स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों का सामना किया, बल्कि पौष्टिक आहार और नियमित स्वास्थ्य जांच के माध्यम से एक स्वस्थ शिशु को जन्म देकर मातृत्व के सुखद अनुभव को प्राप्त किया।

श्रीमती गौरी पाटिल की यह कहानी संघर्ष, आत्मविश्वास और शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं से मिले सहयोग की प्रेरणादायक मिसाल है। गौरी बताती हैं कि जब उन्हें पहली बार अपने मां बनने की जानकारी मिली, तो उनके मन में अनेक सपने और उम्मीदें जाग उठीं। परिवार में नए सदस्य के आगमन की खुशी थी, लेकिन गर्भावस्था के दौरान स्वास्थ्य जांच में हीमोग्लोबिन की मात्रा कम पाए जाने से उनकी चिंता बढ़ गई। उन्हें अपने स्वास्थ्य के साथ-साथ गर्भ में पल रहे शिशु की सेहत की भी चिंता सताने लगी। ऐसे समय में उचित पोषण, नियमित स्वास्थ्य जांच और देखभाल की आवश्यकता उनके सामने एक बड़ी चुनौती थी।

गौरी बताती हैं कि इसी दौरान आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने उन्हें प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के बारे में जानकारी दी। योजना के उद्देश्य, पात्रता और मिलने वाली आर्थिक सहायता के संबंध में मार्गदर्शन मिलने के बाद उन्होंने आवेदन किया। योजना के अंतर्गत उन्हें प्रथम किस्त के रूप में एक हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्राप्त हुई। यह राशि उनके लिए केवल आर्थिक सहयोग नहीं, बल्कि कठिन परिस्थितियों में उम्मीद और आत्मविश्वास का सहारा बनी।

गौरी ने इस सहायता राशि का सदुपयोग करते हुए अपने स्वास्थ्य और पोषण को प्राथमिकता दी। उन्होंने प्राप्त राशि से पौष्टिक फल और सब्जियों के बीज खरीदे तथा घर में ही पोषण वाटिका तैयार की। इस वाटिका से परिवार को ताजी हरी सब्जियां उपलब्ध होने लगीं। उन्होंने अपने दैनिक भोजन में पौष्टिक आहार को शामिल किया और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की सलाह के अनुसार स्वास्थ्य संबंधी आवश्यक सावधानियां बरतीं।

Related Posts

जवाबदेही, टीम-वर्क और पारदर्शिता से तय होगी विकास की राह – श्री सोनमणि बोरा

जवाबदेही, टीम-वर्क और पारदर्शिता से तय होगी विकास की राह – श्री सोनमणि बोरा प्रभारी सचिव ने विकास कार्यों और योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की नशे के खिलाफ सख्त…

Read more

सेवा संकल्प अभियान 2026: सेवा की कहानी : मिट्टी के घर में टपकती थी छत, अब पक्के आशियाने में सुकून से रह रहा बसंती पहाड़ी कोरवा का परिवार

सेवा संकल्प अभियान 2026: सेवा की कहानी : मिट्टी के घर में टपकती थी छत, अब पक्के आशियाने में सुकून से रह रहा बसंती पहाड़ी कोरवा का परिवार रायपुर, 16…

Read more