
सेवा संकल्प अभियान 2026: सेवा की कहानी : मिट्टी के घर में टपकती थी छत, अब पक्के आशियाने में सुकून से रह रहा बसंती पहाड़ी कोरवा का परिवार
रायपुर, 16 अक्टूबर 2026
हर परिवार का सपना होता है कि उसके सिर पर अपनी पक्की छत हो, जहां वह बिना किसी चिंता के सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन व्यतीत कर सके। लेकिन आर्थिक अभाव के कारण कई परिवारों के लिए यह सपना वर्षों तक अधूरा रह जाता है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की पहल पर शुरू किए गए प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम जनमन) के माध्यम से विशेष पिछड़ी जनजाति समुदायों के ऐसे परिवारों के पक्के आवास का सपना साकार हो रहा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में इस योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से दूरस्थ ग्रामीण और जनजातीय अंचलों के जरूरतमंद परिवारों को सुरक्षित आवास की सुविधा मिल रही है। सरगुजा जिले की बसंती पहाड़ी कोरवा की कहानी इसी सकारात्मक बदलाव का उदाहरण है।
सरगुजा जिले के अम्बिकापुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत घंघरी के आसड़ाड की निवासी श्रीमती बसंती पहाड़ी कोरवा का परिवार कभी मिट्टी के कच्चे मकान में रहने को मजबूर था। सीमित आय और आर्थिक कठिनाइयों के बीच परिवार के लिए पक्का मकान बनवाना संभव नहीं हो पा रहा था। प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना ने उनके परिवार की वर्षों पुरानी परेशानी दूर कर दी है। अब बसंती अपने पति और तीन बेटों के साथ पक्के घर में सुरक्षित और सुकूनभरा जीवन व्यतीत कर रही हैं।
बरसात आते ही बढ़ जाती थी चिंता, मिट्टी के घर में टपकता था पानी
बसंती पहाड़ी कोरवा बताती हैं कि उनके परिवार में पति और तीन बेटे हैं। पति खेती-बाड़ी करके परिवार का भरण-पोषण करते हैं। सीमित संसाधनों के कारण परिवार की आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं थी कि वे अपनी बचत से पक्का मकान बनवा सकें। पहले उनका पूरा घर मिट्टी का बना हुआ था। कच्ची दीवारों और छत वाले मकान में रहना विशेषकर बरसात के मौसम में बेहद कठिन हो जाता था। बारिश शुरू होते ही छत से पानी टपकने लगता था और घर के भीतर परिवार को अनेक परेशानियों का सामना करना पड़ता था।
बरसात के दिनों में बसंती को सबसे अधिक चिंता अपने परिवार की सुरक्षा और घर के भीतर रहने की व्यवस्था को लेकर होती थी। मिट्टी के मकान में पानी टपकने से दैनिक जीवन प्रभावित होता था। हर वर्ष बारिश के मौसम में यही परेशानी सामने आती थी, लेकिन आर्थिक परिस्थितियों के कारण परिवार के पास इसका स्थायी समाधान नहीं था। ऐसे में पक्का मकान बनवाना उनके लिए एक ऐसा सपना था, जिसे पूरा करने की उम्मीद तो थी, लेकिन संसाधन नहीं थे।
पीएम जनमन योजना से मिला पक्का आशियाना, अब बारिश की चिंता से मुक्ति
प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना के अंतर्गत बसंती पहाड़ी कोरवा के परिवार को पक्के आवास का लाभ मिला। योजना की सहायता से उनका मकान बनकर तैयार हो गया है और अब पूरा परिवार अपने नए घर में रह रहा है। पक्की छत मिलने से परिवार को बरसात के दिनों में पानी टपकने की परेशानी से राहत मिली है। पहले जहां बारिश का मौसम चिंता और असुविधाओं के साथ गुजरता था, वहीं अब परिवार सुरक्षित वातावरण में रह पा रहा है।
बसंती के लिए यह पक्का मकान केवल रहने की जगह नहीं, बल्कि वर्षों की कठिनाइयों से मिली राहत और परिवार के बेहतर भविष्य का आधार है। अपने घर में सुरक्षित रहने की सुविधा मिलने से परिवार के जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है। सीमित आय वाले परिवार के लिए यह उपलब्धि विशेष महत्व रखती है, क्योंकि स्वयं के संसाधनों से पक्का मकान बनवाना उनके लिए आसान नहीं था।








